छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से किया सीधा संवाद – पेपर लीक को राहुल गांधी ने छात्रों के भविष्य पर बताया खतरा, कहा – पेपर लीक सिर्फ चोरी नहीं, युवाओं के फ्यूचर पर हमला

मंच पर छात्रा के पिता हुए भावों, युवाओं के जोश से गूंजा पंडाल,
* पेपर लीक केवल चोरी नहीं, युवाओं के भविष्य पर हमला
* पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए।
* करोड़ों छात्रों की मेहनत बर्बाद हुई।
* आज तक किसी बड़े पेपर लीक माफिया को सजा नहीं मिली।
* शिक्षा और रोजगार युवाओं का सबसे बड़ा अधिकार
देहरादून। कांग्रेस के शीर्ष नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगभग साढ़े चार साल बाद शुक्रवार को देहरादून पहुंचे। बन्नू कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से उन्होंने संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए।राहुल गांधी ने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य लगातार पेपर लीक की घटनाओं से बर्बाद हो रहा है।
राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक के मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की। कार्यक्रम में उन्होंने मंच पर ही चार छात्रों को बुलाकर सीधे सवाल-जवाब किए और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया कुमारी के पिता को भी मंच पर बुलाया गया, जिन्होंने अपनी बेटी की कहानी सुनाते हुए पूरे पंडाल को भावुक कर दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा का प्रश्न नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य और उनके सपनों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है और मेहनत करने वाले छात्रों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले युवाओं के लिए रोजगार के कई रास्ते हुआ करते थे, लेकिन आज एक-एक कर अवसरों के द्वार बंद होते जा रहे हैं। ऐसे माहौल में पेपर लीक और भ्रष्टाचार ने युवाओं की उम्मीदों को गहरी चोट पहुंचाई है।
राहुल गांधी ने कहा कि, आज स्थिति यह है कि यदि आपके पास पैसा है तो पेपर तक खरीदने की व्यवस्था मौजूद है। उत्तराखण्ड भी इससे अछूता नहीं है। पिछले दस वर्षों में देशभर में 152 पेपर लीक हुए, जिससे 7: 50 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, लेकिन आज तक किसी बड़े पेपर लीक माफिया को सजा नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा सिस्टम मेहनत करने वाले छात्रों को ठग रहा है। दुर्भाग्य यह है कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर मुख्यधारा का मीडिया भी पर्याप्त चर्चा नहीं करता। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी ने मंच से पेपर लीक से जुड़े आंकड़े भी प्रस्तुत किए और कहा कि लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो जाती है, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती।
बोले छात्र— आज पहली बार लगा , कोई हमारी पीड़ा सुनने और समझने आया
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब राहुल गांधी ने मंच पर ही चार छात्रों को आमंत्रित कर उनसे सीधे बातचीत की।छात्रों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक ने उनके आत्मविश्वास को तोड़ दिया है। एक छात्र ने कहा—हर कोई हमें भाषण देता है, लेकिन हमारी बात कोई नहीं सुनता। आज पहली बार लगा कि कोई हमारी पीड़ा सुनने और समझने आया है। छात्रों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद जब परीक्षा रद्द होती है तो केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि पूरा भविष्य दांव पर लग जाता है।
रिया कुमारी के पिता का संबोधन सबको कर गया भावुक, हर कोई दिखा गमगीन
कार्यक्रम में नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाली देहरादून की छात्रा रिया कुमारी के पिता को मंच पर बुलाया गया।
उन्होंने बेहद भावुक स्वर में कहा—मेरी बेटी बहुत खुश थी। उसने पूरे एक साल मेहनत की थी। रात-रात भर तीन बजे तक पढ़ाई करती थी। जब पेपर लीक की खबर सामने आई तो उसने कहा—हमारे साथ धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा की घोषणा ने बेटी को अंदर तक तोड़ दिया।
उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा सिस्टम खराब हो चुका है और आम छात्र इसे बदल नहीं सकता।
भावुक होते हुए उन्होंने कहा—जो मेरी बेटी के साथ हुआ, वह किसी और बच्चे के साथ कभी न हो। सरकार ने आज तक संवेदना का एक शब्द भी नहीं कहा। राहुल गांधी जी, अब युवाओं की उम्मीदें आपसे हैं। उनकी बात सुनकर पूरे पंडाल में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।
अभिनव पांडे ने कहा, ‘पेपर लीक उद्योग’ बन चुका देश की सबसे बड़ी समस्या
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षाविद अभिनव पांडे ने कहा कि यदि आज देश के नेता प्रतिपक्ष को छात्रों के बीच आकर पेपर लीक पर चर्चा करनी पड़ रही है तो यह देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि भारत में लंबे समय से पेपर लीक उद्योग चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक और शिक्षा घोटालों के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली, लेकिन सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल लगातार बंद हो रहे हैं, हजारों करोड़ रुपये के घोटालों की चर्चा होती है लेकिन निष्पक्ष जांच नहीं होती। अभिनव ने कहा कि उन्होंने स्वयं कोचिंग का काम छोड़ दिया क्योंकि अब उनका उद्देश्य केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार की लड़ाई लड़ना है। ने
राहुल गांधी ने उत्तराखण्ड के युवाओं का दर्द भी उठाया
राहुल गांधी ने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा पढ़-लिखकर भी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर है। यदि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं तो पलायन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अवसर देना सरकार की जिम्मेदारी है और कांग्रेस उनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी।
जान कमाने वाले छात्रों को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के समापन पर पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी त्रासदियों में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरे कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य का मुद्दा केंद्र में रहा तथा राहुल गांधी ने इसे देश के सबसे बड़े सामाजिक और राजनीतिक प्रश्नों में से एक बताया।





