उत्तराखण्ड : सीएम धामी ने लिया है संकल्प, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम, चारधाम के साथ ही अन्य मंदिरों में भी बढ़ी भक्तों की संख्या

जागेश्वर व त्रियुगीनारायण में दर्शनार्थियों की संख्या में ढाई गुना वृद्धि,
धारी देवी में दोगुना और पूर्णागिरि धाम में डेढ़ गुना बढ़े श्रद्धालु
देहरादून। उत्तराखण्ड विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रदेश में चारधाम के साथ ही अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन को उमड़ रही भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस वर्ष की पहली छमाही में ही जागेश्वर धाम (अल्मोड़ा) और त्रियुगीनारायण (रुद्रप्रयाग) मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या ढाई गुना बढ़ी है। जबकि पूर्णागिरी धाम (चंपावत) में लगभग डेढ़ गुना और धारी देवी (श्रीनगर) में करीब दोगुना बढ़ोत्तरी हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। इसके लिए प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने, केदारखंड की तर्ज पर मानसखण्ड मंदिरमाला मिशन के तहत कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक मंदिरों का विकास, तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाएं, सड़कों का विकास एवं परिवहन सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
धामी सरकार की दूरदर्शिता और मजबूत प्रयासों का ही परिणाम है कि चारधाम यात्रा के साथ ही प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बना रही है। इस वर्ष 105 दिनों में 45 लाख 84 हजार 375 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के इस वर्ष की पहली छमाही (जनवरी 26 से जून 26) रिपोर्ट के आकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जागेश्वर (अल्मोड़ा) में 01 लाख 74 हजार 119 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में इस अवधि में यह संख्या 67 हजार 875 थी।
पूर्णागिरि धाम में इस वर्ष जून तक 20,91,788 श्रद्धालु पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष इसी अवधि में 14,35,290 यात्रियों ने दर्शन किए थे। इसी प्रकार धारी देवी में दर्शनार्थियों की संख्या 5,42,626 रही है, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 2,83,275 था। रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित त्रियुगीनारायण में भी श्रद्धालुओं की संख्या में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। इस वर्ष पहली छमाही में यहां 03,40,385 श्रद्धालु पहुंचे हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में भक्तों की संख्या 01,36,120 थी।
टिहरी जिले का ऋषिकेश से सटा मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का खास केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष जनवरी से जून तक 15,97,439 सैलानी यहां आ चुके हैं, जबकि बीते वर्ष यह आंकड़ा 13,62,600 था। इसी प्रकार रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर, टिहरी जिले में सुरकंडा देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।**********************************************
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप हम उत्तराखण्ड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य के प्रमुख और प्राचीन मंदिरों के विकास किया जा रहा है। तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड





