प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जमकर बोला हमला,कहा – एसआईआर में नाम काटे जाने के झूठे आरोप, कांग्रेस की प्रचंड हार का संकेत

देहरादून। भाजपा ने एसआईआर में नाम काटे जाने के झूठे आरोपों को कांग्रेस की हार का स्पष्ट संकेत बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने तंज कसा कि कांग्रेस के पास आधा दर्जन भर घेराव और दर्जन भर ज्ञापन देने का समय तो है, लेकिन एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के सहयोग का नहीं। क्यूंकि कांग्रेस की असल मंशा संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और झूठ अफवाह की राजनीति को आगे बढ़ना है। लगातार दो चुनावों में ईवीएम को हार का बहाना बताने वाली कांग्रेस का नया बहाना है एसआईआर।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए राहुल कांग्रेस के आरोपों और चुनाव आयोग के घेराव पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही है। वहीं आयोग में परस्पर आपत्तियों को लेकर सामने आई खबरों को आधा सच बताते हुए इसे सिरे से खारिज किया है। जो आधी बात की चर्चा की जा रही है वह तो लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ प्रक्रिया का हिस्सा होता है। सर्वविदित है कि चुनाव आयोग में कोई भी निर्णय तीनों आयुक्तों में सहमति या बहुमत होता है। ऐसे में उससे पूर्व आपसी विचारों का आदान-प्रदान और चर्चा होना किसी अंदरूनी कलह का नहीं, बल्कि एक मजबूत लोकतंत्र की निशानी है। उन्होंने कहा कि यदि सभी कमिश्नर बिना किसी चर्चा के हर बात पर सहमत हो जाएं, तो विपक्षी दल इसे तानाशाही करार देंगे।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस द्वारा एसआईआर में वोट कटने के आरोपों को रट्टा रटाया झूठ एवं चुनावों में कांग्रेस की अवश्यंभावित हार का खौफ बताया है। वहीं आईना दिखाते हुए कहा कि जिस वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस बंगाल का जिक्र करती है, वहां जिन सीटों पर सबसे अधिक वोट कटें, उनमें अधिकांश पर तो टीएमसी एवं कांग्रेस जीती है। लिहाजा कांग्रेस के ये सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद एवं झूठे हैं जिनका जवाब जनता बिहार, आसाम, बंगाल कई राज्यों में भाजपा को जितवाकर दे चुके हैं।
वहीं उन्होंने तंज कसा कि प्रदेश कांग्रेस के नेता लंबे समय से एसआईआर जैसी संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर झूठ एवं भ्रम फैला रही है। इससे पूर्व ईवीएम को लेकर कई चुनावों में अफवाह फैलाई गई।
उन्होंने कहा, दरअसल सच यह है कि एसआईआर के बाद भाजपा के पक्ष में आए चुनावी परिणामों से कांग्रेस पूरी तरह डरी हुई है। यही वजह है कि विकास एवं जनकल्याण के मुद्दों पर प्रदेश में भाजपा की सुनिश्चित हैट्रिक, कांग्रेस को भी अब स्पष्ट नजर आ रही है। यही वजह है कि इस बार वे एसआईआर को चुनाव में हार का नया बहाना बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।




