उत्तराखण्डउधम सिंह नगर

सरकार की संवेदनशीलता : दोपहर 12 बजे बाजपुर में हुई भीषण ओलावृष्टि, सूचना मिलते ही प्रभावित किसानों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, खराब मौसम के बावजूद किया  हवाई सर्वेक्षण, स्थलीय निरीक्षण कर फसलों को हुए नुकसान का लिया जायजा

हल्द्वानी से देहरादून लौटते समय मिली भीषण ओलावृष्टि की सूचना, खराब मौसम के बावजूद मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर का रुख बाजपुर की ओर कराया,
ओलावृष्टि के कुछ ही समय बाद प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण, बाजपुर में उतरकर किया स्थलीय निरीक्षण,
प्रभावित किसानों से मुलाकात कर सुनी समस्याएं, हरसंभव सहायता का दिया आश्वासन,
अधिकारियों को फसलों के नुकसान का तत्काल आकलन कर समयबद्ध राहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश
बाजपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बाजपुर क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण एवं स्थलीय निरीक्षण कर फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
शुक्रवार को दोपहर लगभग 12 बजे बाजपुर क्षेत्र में अचानक भीषण ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। इसी दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। जैसे ही उन्हें ओलावृष्टि और फसलों को हुए नुकसान की जानकारी मिली, उन्होंने खराब मौसम के बावजूद पायलट को हेलीकॉप्टर बाजपुर की ओर ले जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पहले हेलीकॉप्टर से ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बाजपुर में उतरकर प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधे संवाद कर फसलों को हुए नुकसान, उनकी समस्याओं और कठिनाइयों की जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का विस्तृत सर्वेक्षण एवं नुकसान का आकलन प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री  धामी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के हितों की रक्षा और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और नुकसान के आकलन से लेकर राहत संबंधी कार्रवाई तक पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।

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