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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बोले- न्याय यात्रा का ढोंग करने वाला कांग्रेस नेतृत्व जैनी के सवालों पर चुप क्यों? , इस मामले में तथ्यों के आधार पर हो न्याय सुनिश्चित

अपने नेता पर लगे गंभीर आरोपों का जवाब दें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और गणेश गोदियाल
देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस नेता एवं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत पर जेनी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान, महिला न्याय और अधिकारों की बात करने वाले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को अब अपने ही वरिष्ठ नेता पर लगे गंभीर आरोपों पर जवाब देना चाहिए।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सार्वजनिक मंचों से महिला न्याय की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। राहुल गांधी और गणेश गोदियाल महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, वहीं प्रियंका गांधी का नारा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ भी सभी को याद है। लेकिन जब सवाल अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता हरक सिंह पर उठते हैं, तो कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। जेनी द्वारा आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए गंभीर आरोपों पर कांग्रेस का मौन उसकी कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि जेनी ने आरोप लगाया है कि 16 वर्ष की उम्र में उनके साथ शोषण और दो महीने तक दुष्कर्म किया गया। आज 23 वर्ष बाद वह न्याय की मांग कर रही हैं। ऐसे गंभीर आरोपों पर कांग्रेस नेतृत्व को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए। आखिर महिला न्याय की बात करने वाले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अब जेनी के साथ खड़े होने के लिए क्या कदम उठाएंगे? क्या प्रियंका गांधी अपने ही पार्टी के नेता के खिलाफ आवाज उठाएंगी?
भट्ट ने कहा कि जेनी ने अपने 23 वर्षीय बेटे के डीएनए टेस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दोबारा जांच की मांग भी की है। यह एक महिला और उसके बेटे की पहचान, सम्मान और न्याय से जुड़ा गंभीर विषय है। भाजपा की मांग है कि इस प्रकरण से जुड़े सभी आरोपों और डीएनए जांच संबंधी शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि हरक सिंह रावत कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि इतने गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद उन्हें चुनाव प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई है। गणेश गोदियाल बताएं कि क्या वह हरक सिंह रावत से सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण मांगेंगे? क्या निष्पक्ष जांच होने तक उन्हें इस जिम्मेदारी से हटाने और संगठनात्मक स्तर पर उचित कार्रवाई करने पर विचार करेंगे?
भट्ट ने कांग्रेस की न्याय यात्रा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में न्याय यात्रा निकालकर महिला सम्मान और न्याय की बात कर रही थी। अब जब उसकी अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं, तो क्या गणेश गोदियाल और कांग्रेस के नेता जेनी को न्याय दिलाने के लिए हरक सिंह रावत के आवास का घेराव करेंगे? क्या कांग्रेस इस मामले को लेकर भी प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकालेगी या उसकी न्याय यात्रा केवल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ही होती है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना होगा कि महिला न्याय का उसका पैमाना सभी के लिए समान है या अपने नेताओं के लिए अलग। उत्तराखंड की जनता जानना चाहती है कि कांग्रेस के लिए महिलाओं का सम्मान बड़ा है या चुनावी समीकरण। भाजपा महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। जेनी की शिकायत और उनके बेटे की पहचान से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व को अपनी चुप्पी तोड़कर जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस नेता एवं चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत पर जेनी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान, महिला न्याय और अधिकारों की बात करने वाले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को अब अपने ही वरिष्ठ नेता पर लगे गंभीर आरोपों पर जवाब देना चाहिए।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सार्वजनिक मंचों से महिला न्याय की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। राहुल गांधी और गणेश गोदियाल महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, वहीं प्रियंका गांधी का नारा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ भी सभी को याद है। लेकिन जब सवाल अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता हरक सिंह पर उठते हैं, तो कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। जेनी द्वारा आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए गंभीर आरोपों पर कांग्रेस का मौन उसकी कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि जेनी ने आरोप लगाया है कि 16 वर्ष की उम्र में उनके साथ शोषण और दो महीने तक दुष्कर्म किया गया। आज 23 वर्ष बाद वह न्याय की मांग कर रही हैं। ऐसे गंभीर आरोपों पर कांग्रेस नेतृत्व को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए। आखिर महिला न्याय की बात करने वाले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अब जेनी के साथ खड़े होने के लिए क्या कदम उठाएंगे? क्या प्रियंका गांधी अपने ही पार्टी के नेता के खिलाफ आवाज उठाएंगी?
भट्ट ने कहा कि जेनी ने अपने 23 वर्षीय बेटे के डीएनए टेस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दोबारा जांच की मांग भी की है। यह एक महिला और उसके बेटे की पहचान, सम्मान और न्याय से जुड़ा गंभीर विषय है। भाजपा की मांग है कि इस प्रकरण से जुड़े सभी आरोपों और डीएनए जांच संबंधी शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि हरक सिंह रावत कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि इतने गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद उन्हें चुनाव प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई है। गणेश गोदियाल बताएं कि क्या वह हरक सिंह रावत से सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण मांगेंगे? क्या निष्पक्ष जांच होने तक उन्हें इस जिम्मेदारी से हटाने और संगठनात्मक स्तर पर उचित कार्रवाई करने पर विचार करेंगे?
भट्ट ने कांग्रेस की न्याय यात्रा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में न्याय यात्रा निकालकर महिला सम्मान और न्याय की बात कर रही थी। अब जब उसकी अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं, तो क्या गणेश गोदियाल और कांग्रेस के नेता जेनी को न्याय दिलाने के लिए हरक सिंह रावत के आवास का घेराव करेंगे? क्या कांग्रेस इस मामले को लेकर भी प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकालेगी या उसकी न्याय यात्रा केवल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ही होती है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना होगा कि महिला न्याय का उसका पैमाना सभी के लिए समान है या अपने नेताओं के लिए अलग। उत्तराखंड की जनता जानना चाहती है कि कांग्रेस के लिए महिलाओं का सम्मान बड़ा है या चुनावी समीकरण। भाजपा महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। जेनी की शिकायत और उनके बेटे की पहचान से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व को अपनी चुप्पी तोड़कर जनता के सामने जवाब देना चाहिए।





