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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा- कांवड़ की ऊंचाई को लेकर अखिलेश यादव का बयान  तथ्यहीन और गुमराह करने वाला 

श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ही 10 फीट से ऊँची कांवड़ न बनाने की सलाह देती है भाजपा सरकार
देहरादून । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांवड़ की ऊंचाई को लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के बयान को तथ्यहीन और गुमराह करने वाला बताया है। साथ ही पूर्व सीएम हरीश रावत के गैरसैण पर किए वादे पर आईना दिखाया कि सरकार में रहते तो वहां के लिए कभी कुछ नहीं किया। वहीं मौन व्रत पर तंज कसा कि जनता और कांग्रेस पार्टी दोनों ने पहले ही उनकी राजनीति को खामोश कर दिया है, लिहाजा अब तो उनका मौन रखना ही उचित है।
पार्टी मुख्यालय में मीडिया के सवालों का ज़वाब देते हुए उन्होंने यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया कि यह कांवड़ यात्रा पर उनकी दोहरी सोच दर्शाता है, जिसे अब जनता भी साफ़-साफ़ देख रही है।भाजपा सरकार श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ही 10 फीट से ऊँची कांवड़ न बनाने की सलाह देती है। लेकिन उनके जैसे सनातन विरोधी इसे ‘रोक’ बताकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि, जब आप सत्ता में थे, तब कांवड़ यात्रा के दौरान न कोई बेहतर व्यवस्था थी, न ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतज़ाम होता था। बल्कि, इन्होंने ख़ुद डीजे और भक्ति संगीत पर यह कहकर रोक लगाई थी कि इससे ‘शोरगुल’ होता है। लेकिन आज राजनैतिक ढोंग करते हुए अखिलेश यादव श्रद्धा के नाम पर दिखावा करते हुए शिव भक्तों में भ्रम फैलाना चाहते हैं। समाजवादी सरकार में सनातनी श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध लगते थे, लेकिन भाजपा सरकार श्रद्धालुओं के लिए शानदार प्रबंध करती है। हमारी सरकार ने कहीं कोई पाबंदी नहीं लगाई है, बल्कि हर कांवड़ यात्री की श्रद्धा का सम्मान करते हुए, उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि, श्रद्धा को व्यवस्था से जोड़ना दूरदृष्टि है और श्रद्धा पर राजनीति करना अवसरवाद। जनता को अब भली-भांति समझ आ गया है कि कौन श्रद्धा के साथ खड़ा है और कौन सिर्फ़ मंच पर नाटक कर रहा है। सपा और कांग्रेस की दोहरी मानसिकता को लोग बार बार नकार चुके हैं और इस तरह की बयानबाजी बताती हैं कि नकारने का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
कहा – हरदा का मौन रहना ही उचित 
पूर्व सीएम हरीश रावत के गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाने के वादे पर आईना दिखाया कि उन्हें भी सत्ता में रहने का मौका मिला, लेकिन कोई भी ठोस कदम उन्होंने या अन्य कांग्रेस की सरकारों ने गैरसैण को लेकर नहीं उठाया । आज कांग्रेस के लिए पुनः जनता का विश्वास जीतना, मुंगेरीलाल के सपनों की तरह रह गया है। ऐसे में इस तरह के हवा हवाई दावे को कोई भी अब गंभीरता से नहीं लेता है।
हरदा के मौन व्रत पर पूछे सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, जिनकी राजनीति को बार-बार नकारकर, जनता ने मौन कर दिया हो, जिनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए उनकी कही बातें मायने नहीं रखती हों, उनका मौन रहना ही उचित है। उनका मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से रोजाना क्विंटलों झूठे आरोप लगाकर, थोड़े समय मौन हो जाने के नाटक से अब जनता भलीभांति परिचित है। लिहाजा उनके वक्तव्यों या मौन रहने को प्रदेश की जागरुक जनता अब बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लेती है।

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