गैरसैंण में कांग्रेस का प्रदर्शन फ्लॉप शो, जनता के बीच फिर उजागर हुई कांग्रेस की क्षमता और नीयत : महेंद्र भट्ट

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, मुट्ठी भर कार्यकर्ताओं को एकत्र कर कांग्रेस ने जनता और शासन दोनों का कीमती समय बर्बाद किया
देहरादून । भाजपा ने गैरसैण में कांग्रेस के प्रदर्शन को फ्लॉप शो करार देते हुए कहा कि हताश और निराशा मे वह निर्णय नही ले पा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुट्ठी भर कार्यकर्ताओं को एकत्र कर कांग्रेस ने वहां जनता और शासन दोनों का कीमती समय बर्बाद किया हैं। कांग्रेस की नीयत और क्षमता पूरी तरह जनता के मध्य उजागर हो गयी है, लिहाजा 27 के चुनावों में भी उनका सफाया होना तय है।
उन्होंने कहा कि यह दुखद है वर्तमान विधानसभा कार्यकाल के आखिरी सत्र की शुरुआत भी विपक्ष ने नकारात्मक राजनीति से की है। क्योंकि कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, विकास आदि जिन तमाम झूठे मुद्दों की आड़ में कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया वह संख्या की दृष्टि से भी पूर्णतया फ्लॉप साबित हुआ है। वहां भी कांग्रेस नेताओं की भी पूरी जोर आजमाइश कैमरे के सामने ही ड्रामा करने तक सीमित रही। कई दिनों से न्याय यात्रा का ढोल पीटने वाली कांग्रेस के कार्यकर्ता भी वहां गिनती के पहुंचे। जहां तक सवाल है आम जनता की भागीदारी की तो हमेशा की तरह शून्य ही नजर आई। जनता के नदारद होने की वजह बताती है कि उन्हें कांग्रेस के मुद्दों और नीयत पर भरोसा ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों के आधार पर कांग्रेस विरोध कर रही थी, उन तमाम मुद्दों में पर जनता ने उन्हें पहले ही खारिज कर दिया। बेदखल किया था। उसपर जहां तक सवाल है भाजपा सरकार का तो उसके कामकाज पर जनता अपनी राय लगातार विभिन्न चुनावों में देती आयी है। लोकसभा चुनावों से लेकर निकाय पंचायत और विधानसभा उपचुनावों में भी जनता ने कमल पर भरोसा जताया है। क्योंकि प्रदेशवासी राज्य के चतुर्दिक विकास और अपनी जिंदगी में हो रहे सकारात्मक बदलावों को अनुभव कर रही है। लिहाजा कांग्रेस एवं अन्य विपक्ष द्वारा की जा रही झूठ, भ्रम एवं षड्यंत्रकारी राजनैतिक जाल में जनता नहीं फंसती है।
उन्होंने कहा कि जनता साक्षी है कि किस तरह पूरे पांच साल कांग्रेस पार्टी ने सदन के अंदर और बाहर हंगामे में ही खराब किए हैं । और अब तो चुनाव सामने हैं लिहाजा उनका सड़क पर ड्रामा करना स्वाभाविक ही था। जबकि बेहतर हो कि विपक्षी विधायक सदन में गंभीरता से बजट चर्चा में भाग ले और जनहित के मुद्दों ध्यान आकर्षित करे। लेकिन कांग्रेस की नीयत और क्षमता पूरी तरह जनता के मध्य एक्सपोज है, लिहाजा उनके नेताओं की राजनीति सिर्फ मीडिया में छपने और दिखने के लिए होती है। अंतिम सत्र विपक्ष के पास था जनता के सामने अपनी गंभीरता दिखाने का था, लेकिन कांग्रेस उसमें भी वह पूरी तरह असफल साबित हुआ है।





