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ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स को मिली बड़ी सफलता – 10 लाख की चरस के साथ दो नशा तस्कर गिरफ्तार

देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स ने नशा तस्करों के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ की एंटी नार्कोटिक्स कुमाऊं यूनिट और काठगोदाम पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 किलो 2 ग्राम अवैध चरस बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद ड्रग्स की कीमत लगभग 10 लाख रुपए बताई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देशन में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स पूरे राज्य में नशे के सौदागरों पर कड़ी नजर रख रही है। इसी क्रम में कुमाऊं टीम को तकनीकी और मैनुअल इनपुट के जरिए सूचना मिली थी कि काठगोदाम क्षेत्र में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम ने दमुआढुंगा क्षेत्र में घेराबंदी कर दो आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान प्रवीण आर्य निवासी दमुआढुंगा (काठगोदाम) और बलवंत सिंह निवासी हल्द्वानी (मूल निवासी बागेश्वर) के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल थे। वे चरस की खेप जनपद बागेश्वर से सस्ते दामों पर खरीदकर लाते थे और उसे नैनीताल व ऊधमसिंह नगर के विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाते थे। एसटीएफ अब इन अभियुक्तों के फॉरवर्ड व बैकवर्ड संपर्कों की पड़ताल कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में एसटीएफ के निरीक्षक पावन स्वरुप, एसआई विनोद चंद्र जोशी, आरक्षी वीरेंद्र चौहान और आरक्षी इसरार अहमद शामिल रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देशन में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स पूरे राज्य में नशे के सौदागरों पर कड़ी नजर रख रही है। इसी क्रम में कुमाऊं टीम को तकनीकी और मैनुअल इनपुट के जरिए सूचना मिली थी कि काठगोदाम क्षेत्र में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम ने दमुआढुंगा क्षेत्र में घेराबंदी कर दो आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान प्रवीण आर्य निवासी दमुआढुंगा (काठगोदाम) और बलवंत सिंह निवासी हल्द्वानी (मूल निवासी बागेश्वर) के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल थे। वे चरस की खेप जनपद बागेश्वर से सस्ते दामों पर खरीदकर लाते थे और उसे नैनीताल व ऊधमसिंह नगर के विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाते थे। एसटीएफ अब इन अभियुक्तों के फॉरवर्ड व बैकवर्ड संपर्कों की पड़ताल कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में एसटीएफ के निरीक्षक पावन स्वरुप, एसआई विनोद चंद्र जोशी, आरक्षी वीरेंद्र चौहान और आरक्षी इसरार अहमद शामिल रहे।





