उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट : रहे सावधान और सतर्क,देहरादून हरिद्वार और टिहरी में कल स्कूल रहेंगे बंद

उत्तराखंड के कई जिलों में जारी किया गया है बारिश का अलर्ट
देहरादून।उत्तराखंड के कई जिलों में एक बार फिर से बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड के कई जिलों में 19 से 22 जुलाई तक बारिश का अलर्ट है। इसके लिए पूर्वानुमान जारी किया गया है। बारिश के अलर्ट को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी की घोषणा की गई है। राजधानी देहरादून में कल (आज) कक्षा एक से 12 वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र भी नहीं खुलेंगे। जिलाधिकारी ने इससे जुड़े आदेश कर दिये हैं। वहीं दूसरी और बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए हरिद्वार, देहरादून और टिहरी में जिला प्रशासन ने स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए किए गए हैं। इन जिलों में सोमवार को सभी आंगनबाड़ी केंद्र और कक्षा एक से 12 तक के स्कूल बंद रहेंगे।
20 जुलाई को भी देहरादून, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है।
बारिश के अलर्ट को देखते हुए देहरादून, हरिद्वार, टिहरी के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की छुट्टी घोषित की गई है। इन जिलों में डीएम ने बारिश के अलर्ट और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुये स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किये हैं।
20 को रेड अलर्ट और 21 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 20 जुलाई को रेड अलर्ट और 21 जुलाई को फिर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस अवधि में कई स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश, जलभराव, भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर लगातार स्थिति पर नजर रखें। भूस्खलन और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनें, राहत एवं बचाव उपकरण, आवश्यक मानव संसाधन और अन्य संसाधनों की पहले से तैनाती की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा सके।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दिया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए हालात की लगातार निगरानी करें। इससे जन-धन के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने लोगों से भी मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें तथा खराब मौसम के दौरान जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इससे किसी भी संभावित आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।





