कैबिनेट मंत्री जोशी ने कहा – राहुल गांधी की डोभाल पर टिप्पणी उत्तराखंड के स्वाभिमान पर सीधा हमला , पूछा, पहाड़ के इन सपूतों से आखिर कांग्रेस को इतनी नफरत क्यों ?

कहा – कांग्रेस नेता का डोभाल को विलेन बताना, देश के दुश्मनों जैसी सोच ,
उत्तराखंड कांग्रेस नेताओं में थोड़ा भी साहस, स्वाभिमान और उत्तराखंडियत शेष तो करें राहुल गांधी की आलोचना,
देवभूमि से नकारे जाने का बदला डोभाल से ले रहे तो प्रदेश की जनता कांग्रेस का सूपड़ा कर देगी साफ
देहरादून । भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर बार बार की गई अमर्यादित टिप्पणी को देवभूमि के शौर्य का अपमान बताया है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर कांग्रेसी युवराज की ये टिप्पणियां देश के दुश्मनों जैसी हैं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को भी चुनौती दी कि सबके स्वाभिमान, देशभक्ति और कुछ की थोड़ी उत्तराखंडियत शेष हो तो वे राहुल गांधी की खुलकर आलोचना करें। वहीं चेताया कि ऐसा करके यदि, राहुल गांधी बार बार देवभूमि द्वारा चुनाव में नकारे जाने का बदला ले रहे हैं तो इसका जवाब जनता उनके उम्मीदवारों का सूपड़ा साफ कर देगी।
प्रदेश मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा बार बार अजीत डोभाल पर टिप्पणी को उत्तराखंड के स्वाभिमान पर प्रहार बताया। साथ ही कहा कि डोभाल उत्तराखंड के ऐसे वीर सपूत हैं, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र की सुरक्षा और एकता के लिए समर्पित कर दिया है। उन पर राहुल गांधी द्वारा कसने गए तंज और अमर्यादित टिप्पणियां देवभूमि उत्तराखंड की जन-भावनाओं का घोर अनादर हैं। राहुल गांधी की उत्तराखंड के वीर सपूत श्री अजीत डोभाल जी पर लगातार अमर्यादित टिप्पणी सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि उत्तराखंड के गौरव और स्वाभिमान पर हमला है। कांग्रेस को यह भली-भांति समझना चाहिए कि उन पर दिया गया अपमानजनक बयान सीधे तौर पर देवभूमि उत्तराखंड की जन-भावनाओं और स्वाभिमान पर गहरा आघात है। वहीं बताया कि डोभाल की पहचान किसी राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि उनकी दशकों लंबी राष्ट्रसेवा से बनी है।
उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा एवं एकता के लिए अपना जीवन खपा देने वाले व्यक्ति पर राहुल गांधी की घटिया टिप्पणी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या कांग्रेस की राजनीति में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लोगों के सम्मान की जगह नहीं है? राहुल को जवाब देना चाहिए कि आखिर डोभाल से इतनी राजनीतिक बेचैनी क्यों है? देश की सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष स्तर पर काम करने वाले व्यक्ति पर सवाल उठाना अलग बात है, लेकिन उनके खिलाफ इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना कांग्रेस की गिरती राजनीतिक मर्यादा और संकीर्ण सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य नेताओं से स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती दी कि देवभूमि के अपमान पर पार्टी का आधिकारिक पक्ष क्या है? यदि वे इससे सहमत हैं, तो क्या वे उत्तराखंड के गौरवशाली सपूत के इस अपमान का समर्थन करते हैं? यदि नहीं तो क्या वे सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी एवं कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना करेंगे? और क्या उत्तराखंडियत की बात करने वालों का स्वाभिमान समाप्त हो गया है?
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के नेताओं की भाषा देश के वीरों को लेकर विवादों में आई है। वर्ष 2017 में कांग्रेस के एक बड़े नेता ने तत्कालीन सेना प्रमुख और उत्तराखंड के वीर सपूत जनरल बिपिन रावत के लिए “सड़क का गुंडा” जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था। कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को शर्म आए न आए, लेकिन प्रदेश की जनता इस निरंतर अपमान को किसी रूप में भी स्वीकार नहीं करेगी।
वहीं उन्होंने तंज कसा कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं में साहस नहीं, वे राहुल गांधी से इस अपमान पर सवाल कर सकें? इसलिए भाजपा उनसे सवाल करती कि आखिर उसे पहाड़ के इस बेटे से इतनी परेशानी क्यों है? राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान की एक मर्यादा होनी चाहिए। क्यों कांग्रेस के नेता मां भारती के सच्चे सपूतों को राजनीतिक निशाना बना रहे हैं? उत्तराखंड की जनता भी कांग्रेस से पूछना चाहती है कि देश के लिए अपना पूरा जीवन लगाने वाले पहाड़ के इन सपूतों से आखिर कांग्रेस को इतनी नफरत क्यों है? यदि ये सब राहुल गांधी उत्तराखंड में बार बार चुनाव में नकारे जाने के बदले में कर रहे हैं तो उन्हें गांठ बांध कर रख लेनी चाहिए कि इस बार राज्य में उनके टिकटार्थियों का से सुपडा साफ होने वाला है।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल , कर्नल रघुवीर भंडारी , शमशेर सिंह बिष्ट, दिनेश प्रधान, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी राजेंद्र नेगी भी मौजूद रहे।





