उत्तराखण्डदेहरादून
Good News : नए साल पर धामी सरकार की बड़ी सौगात, निम्न आय वर्ग का ‘अपने घर’ का सपना होगा साकार , प्रस्तावित आवासीय परियोजना के भूमि चयन, बजट, डीपीआर और क्रियान्वयन के अहम पहलुओं पर चर्चा

लैंड पूलिंग के तहत निम्न आय वर्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी, एमडीडीए बैठक में भूमि चयन पर मंथन,
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में एमडीडीए की मैराथन बैठक, विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा
देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार गरीब कल्याण और समावेशी विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में नए वर्ष की शुरुआत के साथ धामी सरकार निम्न आय वर्ग के लोगों के “अपने घर” के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रूप देने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में मंगलवार को एक प्राधिकरण मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रस्तावित आवासीय परियोजना के भूमि चयन, बजट, डीपीआर और क्रियान्वयन जैसे अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही उपाध्यक्ष मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) प्राधिकरण की अन्य महत्वपूर्ण गतिमान परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता पूर्ण, ससमय पूर्ण किया जाये। कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जायेगी। इस मौके पर प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
आवासीय व विकास परियोजनाओं पर फोकस
बैठक में एमडीडीए क्षेत्र के अंतर्गत संचालित आवासीय, वाणिज्यिक, पुनर्विकास, पार्किंग एवं हरित परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में आलयम् आवासीय परियोजना की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाना है। इस पर निर्देश दिए गए कि परियोजना को रेरा में निर्धारित अवधि के भीतर ही पूर्ण कराया जाए, जिससे प्राधिकरण पर किसी भी प्रकार की रेरा पेनल्टी अधिरोपित न हो। धौलास आवासीय परियोजना की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया गया। अभियंत्रण अनुभाग द्वारा अवगत कराया गया कि परियोजना स्थल पर प्राथमिकता के आधार पर ईडब्ल्यूएस इकाइयों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसकी कार्य पूर्ति तिथि 31 मार्च 2028 निर्धारित है। निर्देश दिए गए कि ईडब्ल्यूएस आवासों का निर्माण प्राथमिकता पर पूर्ण कराते हुए कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि आईएसबीटी के निकट निर्मित एचआईजी आवासीय परियोजना में अधिकांश फ्लैट विक्रय हो चुके हैं और वर्तमान में मात्र 32 फ्लैट शेष हैं। इस पर उपाध्यक्ष महोदय ने संतोष व्यक्त करते हुए शेष फ्लैटों को शीघ्र विक्रय करने के निर्देश दिए।
लैंड पूलिंग से नई टाउनशिप का रास्ता साफ
धर्मावाला-विकासनगर में खरीदी गई भूमि पर नई टाउनशिप विकसित करने तथा हरबर्टपुर क्षेत्र में भूमि क्रय की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। हरिपुर कालसी में स्नान घाट निर्माण और स्थल विकास कार्यों को समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। शैल्टर फंड के उपयोग से रिवर फ्रंट क्षेत्र और हरिद्वार बाईपास पर ईडब्ल्यूएस, एमआईजी व एचआईजी आवासीय परियोजनाओं का प्रस्ताव एक सप्ताह में तैयार करने के निर्देश दिए गए। आईएसबीटी क्षेत्र में आंतरिक सड़कों, कियोस्क, डॉरमेट्री और विद्युत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा सीसीटीवी सिस्टम के नियमित संचालन के निर्देश दिए गए। प्राधिकरण की समस्त परिसंपत्तियों को दर्ज करने हेतु एसेट/स्टॉक रजिस्टर तैयार करने और कार्यालयों, पार्कों व आईएसबीटी में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष महोदय ने देहरादून को हरित शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अधिक से अधिक वृक्षारोपण पर जोर देते हुए सभी निर्देशों के अनुपालन की बात कही और धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक समाप्त की गई।
शमन मानचित्रों की कम संख्या पर जताई गई नाराजगी
बैठक में प्राधिकरण द्वारा शमन मानचित्रों के लिए निर्देशित प्राप्त आवेदनों की संख्या कम होने पर असंतोष व्यक्त किया गया। इस संबंध में अवगत कराया गया कि शमन शुल्क में अधिरोपित होने वाली भूमि की सर्किल दरें पूर्व में लागू ओटीएस स्कीम की तुलना में अत्यधिक होने के कारण जनसामान्य द्वारा अपने निर्माण को शमन नहीं कराया जा रहा है। ओटीएस स्कीम को पुनः लागू करने का अनुरोध भी किया जा रहा है, जिसके संबंध में पूर्व में शासन को पत्र प्रेषित किए जा चुके हैं। इस पर निर्देश दिए गए कि अधिक से अधिक संख्या में शमन मानचित्र एवं नए मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
आवासीय योजनाओं में विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस और निम्न आय वर्ग को प्राथमिकता : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरों के सुनियोजित विकास और आमजन को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि सभी विकास परियोजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हों। आवासीय योजनाओं में विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस और निम्न आय वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि हर जरूरतमंद का अपने घर का सपना साकार हो सके। अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही हरित क्षेत्र, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को विकास का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।
प्राधिकरण की संचालित सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा:बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा संचालित सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। आवासीय, पुनर्विकास और पार्किंग परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में एमडीडीए की मैराथन बैठक, विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा
देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार गरीब कल्याण और समावेशी विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में नए वर्ष की शुरुआत के साथ धामी सरकार निम्न आय वर्ग के लोगों के “अपने घर” के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रूप देने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में मंगलवार को एक प्राधिकरण मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रस्तावित आवासीय परियोजना के भूमि चयन, बजट, डीपीआर और क्रियान्वयन जैसे अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही उपाध्यक्ष मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) प्राधिकरण की अन्य महत्वपूर्ण गतिमान परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता पूर्ण, ससमय पूर्ण किया जाये। कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जायेगी। इस मौके पर प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
आवासीय व विकास परियोजनाओं पर फोकस
बैठक में एमडीडीए क्षेत्र के अंतर्गत संचालित आवासीय, वाणिज्यिक, पुनर्विकास, पार्किंग एवं हरित परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में आलयम् आवासीय परियोजना की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाना है। इस पर निर्देश दिए गए कि परियोजना को रेरा में निर्धारित अवधि के भीतर ही पूर्ण कराया जाए, जिससे प्राधिकरण पर किसी भी प्रकार की रेरा पेनल्टी अधिरोपित न हो। धौलास आवासीय परियोजना की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया गया। अभियंत्रण अनुभाग द्वारा अवगत कराया गया कि परियोजना स्थल पर प्राथमिकता के आधार पर ईडब्ल्यूएस इकाइयों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसकी कार्य पूर्ति तिथि 31 मार्च 2028 निर्धारित है। निर्देश दिए गए कि ईडब्ल्यूएस आवासों का निर्माण प्राथमिकता पर पूर्ण कराते हुए कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि आईएसबीटी के निकट निर्मित एचआईजी आवासीय परियोजना में अधिकांश फ्लैट विक्रय हो चुके हैं और वर्तमान में मात्र 32 फ्लैट शेष हैं। इस पर उपाध्यक्ष महोदय ने संतोष व्यक्त करते हुए शेष फ्लैटों को शीघ्र विक्रय करने के निर्देश दिए।
लैंड पूलिंग से नई टाउनशिप का रास्ता साफ
धर्मावाला-विकासनगर में खरीदी गई भूमि पर नई टाउनशिप विकसित करने तथा हरबर्टपुर क्षेत्र में भूमि क्रय की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। हरिपुर कालसी में स्नान घाट निर्माण और स्थल विकास कार्यों को समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। शैल्टर फंड के उपयोग से रिवर फ्रंट क्षेत्र और हरिद्वार बाईपास पर ईडब्ल्यूएस, एमआईजी व एचआईजी आवासीय परियोजनाओं का प्रस्ताव एक सप्ताह में तैयार करने के निर्देश दिए गए। आईएसबीटी क्षेत्र में आंतरिक सड़कों, कियोस्क, डॉरमेट्री और विद्युत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा सीसीटीवी सिस्टम के नियमित संचालन के निर्देश दिए गए। प्राधिकरण की समस्त परिसंपत्तियों को दर्ज करने हेतु एसेट/स्टॉक रजिस्टर तैयार करने और कार्यालयों, पार्कों व आईएसबीटी में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष महोदय ने देहरादून को हरित शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अधिक से अधिक वृक्षारोपण पर जोर देते हुए सभी निर्देशों के अनुपालन की बात कही और धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक समाप्त की गई।
शमन मानचित्रों की कम संख्या पर जताई गई नाराजगी
बैठक में प्राधिकरण द्वारा शमन मानचित्रों के लिए निर्देशित प्राप्त आवेदनों की संख्या कम होने पर असंतोष व्यक्त किया गया। इस संबंध में अवगत कराया गया कि शमन शुल्क में अधिरोपित होने वाली भूमि की सर्किल दरें पूर्व में लागू ओटीएस स्कीम की तुलना में अत्यधिक होने के कारण जनसामान्य द्वारा अपने निर्माण को शमन नहीं कराया जा रहा है। ओटीएस स्कीम को पुनः लागू करने का अनुरोध भी किया जा रहा है, जिसके संबंध में पूर्व में शासन को पत्र प्रेषित किए जा चुके हैं। इस पर निर्देश दिए गए कि अधिक से अधिक संख्या में शमन मानचित्र एवं नए मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
आवासीय योजनाओं में विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस और निम्न आय वर्ग को प्राथमिकता : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरों के सुनियोजित विकास और आमजन को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि सभी विकास परियोजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हों। आवासीय योजनाओं में विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस और निम्न आय वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि हर जरूरतमंद का अपने घर का सपना साकार हो सके। अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही हरित क्षेत्र, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को विकास का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।
प्राधिकरण की संचालित सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा:बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा संचालित सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। आवासीय, पुनर्विकास और पार्किंग परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके।




