उत्तराखण्डदेहरादून

उत्तराखण्ड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में शामिल हुए कृषि मंत्री जोशी, कहा – यह आयोजन  राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल

मंत्री बोले—मुख्यमंत्री धामी ने की विभिन्न क्षेत्रों में नई परंपराओं की शुरुवात
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में राज्य जनजातीय शोध संस्थान, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय वर्ग के प्रतिनिधियों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक लोककलाओं का प्रदर्शन कर महोत्सव को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने महोत्सव में लगे स्टालों का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  जोशी ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि हमारी समृद्ध जनजातीय परंपराओं, संस्कृति, जीवनशैली और प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध का उत्सव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में प्रतिवर्ष जनजातीय महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री धामी का आभार भी व्यक्त किया।  जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में नई परंपराओं की शुरुआत की है, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय कल्याण एवं विकास के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि विगत चार वर्षों में मुख्यमंत्री  धामी के नेतृत्व में प्रदेश में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव राज्य के समग्र विकास पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परंपरागत खेती को
इस अवसर पर अपर सचिव संजय सिंह टोलिया, अपर निदेशक योगेंद्र रावत, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधिमंडल तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button