देहरादून में चल रहा नर्सिंग आंदोलन हुआ उग्र , पानी की टंकी पर चढ़ी महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने अपने ऊपर छिड़का पेट्रोल , मचा हड़कंप

नर्सिंग बेरोजागारों ने सड़क पर लगाया जाम,
40 घंटे से पानी के टंकी पर चढ़े हैं प्रदर्शनकारी
देहरादून: राजधानी देहरादून में नर्सिंग बेरोजागारों का आंदोलन उग्र शक्ल अख्तियार कर रहा है। नर्सिंग बेरोजागारों के साथ उत्तराखंड कांग्रेस की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला को भी पानी की टंकी पर चढ़े हुए लगभग 40 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है। ज्योति रौतेला ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर सरकार को चेतावनी भी दी है
इसके साथ ही पानी की टंकी के नीचे धरने पर बैठे नर्सिंग बेरोजागारों ने दून क्लब के सामने सर्वे चौक की तरफ जाने वाली सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग बेरोजागारों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, वो अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
बता दें कि वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग बेरोजागार लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार तक अपनी आवाज के पहुंचाने के लिए सोमवार सुबह को नर्सिंग बेरोजागार देहरादून के परेड ग्राउंड में धरने पर बैठे। इस दौरान तीन प्रदर्शनकारी पानी की टंकी पर चढ़ गए।
नर्सिंग बेरोजागार के समर्थन में ज्योति रौतेला भी पानी की टंकी पर चढ़ गई. 40 घंटे से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक कोई भी पानी की टंकी से नीचे नहीं उतरा है. वहीं मंगलवार की शाम को ज्योति रौतेला ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया ,जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।उसके बाद आंदोलनकारियों ने भी जाम लगाकर जमकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी अभी भी अपनी मांगों पर डटे हुए हैं। नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे साथियों और उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला को इतना वक्त पानी की टंकी में चढ़े हुए लंबा समय बीत गया है, उसके बावजूद उनकी सुध लेने के लिए कोई नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि इस बीच अगर किसी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी जवाब देही सरकार की होगी। उनका कहना है कि अभी तक धरना स्थल पर ना तो स्वास्थ्य मंत्री आए और ना ही स्वास्थ्य सचिव पहुंचे हैं। जबकि आज अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस भी है, फिर भी उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। नवल पुंडीर ने चेतावनी दी है कि अगर आंदोलनकारियों को कुछ हो जाता है तो उसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
ज्ञात हो कि नर्सिंग बेरोजागार बीते 159 दिनों से अपनी मांग को लेकर आंदोलनरत है।





