भयावह हादसा – लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत, एसआईटी गठित, 7 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश, , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा-एक भी जिम्मेदार बचेगा नहीं, बिल्डिंग का किया निरीक्षण, केजीएमयू में घायलों से भी मिले

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने घटना पर शोक जताया,
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने
जताया अग्निकांड पर गहरा दुःख,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख व घायलों को 50 हजार रूपए के मुआवजे का ऐलान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ
के अलीगंज इलाके में तीसरे तल पर स्थित एक गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई। इस घटना में 15 लोगों की मौत हो गई , जबकि 5 लोग घायल हैं।
जिनका इलाज केजीएमयू में चल रहा है। आग इतनी भीषण थी कि कई लोग बिल्डिंग से नीचे कूद गए, इसके लिए लटक रहे तार को जरिया बनाया। बताते हैं कि जब आग लगी तो गेमिंग जोन में कुछ स्टूडेंट्स भी मौजूद थे।
इस बीच अलीगढ़ पहुंचे सीएम योगी दौरा छोड़कर लखनऊ घटनास्थल पहुंचे। सीएम ने घटना के जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने केजीएमयू पहुंचकर भी घायलों का हालचाल जाना। साथ ही कहा कि किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को बख्शेंगे नहीं। रक्षा मंत्री और स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ पहुंचे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने भी लखनऊ की घटना पर शोक जताया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस भयावह अग्निकांड पर दुःख
जताया हैं। साथ ही हादसे में मारे गए लोगों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। अग्निकांड में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह घटनास्थल पर पहुंचे
देर रात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, नीरज सिंह उपस्थित रहें।
दो सदस्यीय विशेष जांच दल गठित
सीएम योगी के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। विशेष जांच दल में अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग, प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन को जांच सौंपी गई है। जांच दल को सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
सीएम योगी ने किया बिल्डिंग का निरीक्षण :
सीएम योगी अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बिल्डिंग का निरीक्षण किया और बगल के भवन की छत पर जाकर भी हालात के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली। उन्होंने अग्निकांड के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों की मौत पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।
केजीएमयू भी पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ:
इसके बाद सीएम योगी घटनास्थल से सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे। भर्ती घायल बच्चों से मिले। उनसे भी आग लगने के कारणों और घटना के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने केजीएमयू प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के लिए भी निर्देशित किया। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सीएम योगी को घायलों के इलाज के बारे में संपूर्ण जानकारी दी।मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया :
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों के आंसू भी पोंछे। उन्होंने कहा कि हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते हैं कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।
कहा – सरकार परिजनों के साथ
अग्निकांड की भयावहता को देखते हुए मौके पर मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, ACS होम संजय प्रसाद , DGP राजीव कृष्ण, DG फ़ायर सुजीत पांडेय, CP लखनऊ , DM लखनऊ आदि पहुंच गए. सिविल अस्पताल की चार सदस्यीय टीम के साथ ही तीन एंबुलेंस भी मौके पर भेजी गईं।सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बेड संख्या 23 से 30 तक खाली करा लिए गए. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 12 से 14 लोगों की मौतों की आशंका जताई। जबकि, लखनऊ केजीएमयू चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमीय अग्रवाल के मुताबिक, 15 लोगों की मौत हुई है।निजी संस्थान का यह ऑफिस अलीगंज में पेट शॉप के ऊपर है। बताते हैं कि सबसे पहले तीसरी मंजिल पर आग लगी। देखते ही देखते आग फैल गई और ऑफिस को चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि उस वक्त ऑफिस में 30 से भी ज्यादा लोग मौजूद थे।
आग लगते ही अफरातफरी मच गई।बिल्डिंग में काम करने वाले और अन्य लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। इसमें स्टूडेंट्स भी थे। कोई रास्ता नहीं मिला तो बगल से गुजर रहे तार से लटककर नीचे कूदने लगे। कुछ स्टूडेंट्स तार से लटककर नीचे कूदे, जबकि इमारत धू-धूकर जल रही थी। इसमें 5 लोगों को चोटें भी आई हैं।आग तेजी से फैली और लोगों को बचाव का कोई रास्ता नहीं दिखा। करीब आधे घंटे थक फायर ब्रिगेड भी नहीं पहुंच सकी थी।
मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं, लेकिन आग की भयावहता कम होने में काफी समय लगा। करीब 4 घंटे बाद भी बिल्डिंग सुलगती रही, जब लपटें थमीं तो बिल्डिंग के अंदर से एक के बाद एक मृतकों के शव बाहर निकाले जाने लगे। अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई बताई गई
.दौरा छोड़ लखनऊ पहुंचे सीएम
घटना की भयावहता को देखते हुए सीएम योगी अलीगढ़ का दौरा छोड़कर लखनऊ रवाना हो गए. अलीगढ़ में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अभी-अभी मुझे जानकारी मिली है लखनऊ में एक अग्निकांड की दुखद घटना हुई है। उसकी चपेट में कुछ बच्चे आये हैं, उनकी दुखद मौत हुई है। इसलिए मुझे तत्काल वापस जाना पड़ रहा है, जिन्होंने जान खोई उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
इस पूरे मामले के लिए पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव गृह को भी कहा है कि मौके पर जाकर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें. मैं स्वयं भी वहां प्रस्थान कर रहा हूं, जिससे इस पूरे मामले की तह में जाकर दोषियों को सजा भी दे सकें।उन पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त कर सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तत्काल मौके पर पहुंचें।साथ ही राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने व घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए कहा है। सीएम ने प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।आग लगने की घटना के लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी बिल्डिंग की जांच शुरू कर दी है। बिल्डिंग में कॉमर्शियल गतिविधि की परमिशन थी कि नहीं, आग लगने का कारण क्या रहा? इन बिंदुओं की जांच की जा रही है।इसके साथ ही आग से नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। घटनास्थल के आसपास भी कई कॉमर्शियल गतिविधियां संचालित हैं।





